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- मार्जिन और मार्कअप में फ़र्क
- चाहिए उतने मार्जिन के लिए बिक्री दाम
- डिस्काउंट मुनाफ़ा कितना खाता है?
- पूरी दुकान का महीने का मुनाफ़ा
- हाथ से, Excel या सॉफ़्टवेयर?
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
- आखिरी बात
अपडेट: 18 अक्टूबर 2026 · लेखक: अशोक सचदेव
Quick answer
एक सामान का मुनाफ़ा = बिक्री दाम − खरीद दाम। मार्जिन = मुनाफ़ा ÷ बिक्री दाम × 100 और मार्कअप = मुनाफ़ा ÷ खरीद दाम × 100; ₹750 में खरीदकर ₹1,000 में बेचा तो मुनाफ़ा ₹250, मार्जिन 25% और मार्कअप 33.3%। पूरी दुकान का महीने का शुद्ध लाभ = बिक्री − बिके माल की लागत − खर्च (किराया, सैलरी, बिजली), जहाँ बिके माल की लागत = शुरू का स्टॉक + खरीद − आखिर का स्टॉक।
बहुत से दुकानदार गल्ले की नकदी देखकर मुनाफ़े का अंदाज़ा लगाते हैं, जो अक्सर गलत निकलता है: उधार, स्टॉक में फँसा पैसा और खर्च उसमें नहीं दिखते। इस गाइड में एक सामान और पूरी दुकान, दोनों का मुनाफ़ा निकालने का तरीका उदाहरण के साथ है।
मार्जिन और मार्कअप में फ़र्क
| मार्जिन | मार्कअप |
| फ़ॉर्मूला | मुनाफ़ा ÷ बिक्री दाम × 100 | मुनाफ़ा ÷ खरीद दाम × 100 |
| ₹750 → ₹1,000 | 25% | 33.3% |
| ₹400 → ₹500 | 20% | 25% |
| कब काम आता है | मुनाफ़ा बिक्री का कितना हिस्सा है | लागत पर कितना जोड़कर दाम रखें |
आम गलती: "25% जोड़ा तो 25% मार्जिन" सोचना। लागत पर 25% जोड़ने से मार्जिन सिर्फ़ 20% बनता है। अंग्रेज़ी में विस्तार: markup vs margin।
चाहिए उतने मार्जिन के लिए बिक्री दाम
बिक्री दाम = खरीद दाम ÷ (1 − मार्जिन ÷ 100)। ₹750 के सामान पर 25% मार्जिन चाहिए तो ₹750 ÷ 0.75 = ₹1,000। GST रजिस्टर्ड दुकान खरीद और बिक्री दोनों बिना GST के दाम पर मार्जिन देखे, क्योंकि खरीद पर दिया GST इनपुट टैक्स क्रेडिट में वापस मिलता है। फिर ग्राहक का दाम = बिना GST दाम + GST। हिसाब के लिए फ्री प्रॉफ़िट मार्जिन कैलकुलेटर मार्जिन, मार्कअप, सही MRP और डिस्काउंट के बाद का मुनाफ़ा एक साथ दिखाता है।
डिस्काउंट मुनाफ़ा कितना खाता है?
| ₹750 का सामान, दाम ₹1,000 | बिक्री दाम | मुनाफ़ा | मार्जिन |
| कोई छूट नहीं | ₹1,000 | ₹250 | 25% |
| 5% छूट | ₹950 | ₹200 | 21.1% |
| 10% छूट | ₹900 | ₹150 | 16.7% |
| 20% छूट | ₹800 | ₹50 | 6.3% |
10% छूट से मुनाफ़ा 40% घट जाता है (₹250 से ₹150)। त्योहार के ऑफ़र सोच-समझकर रखें: festival sale promotions।
पूरी दुकान का महीने का मुनाफ़ा
| लाइन | उदाहरण |
| महीने की बिक्री (बिना GST) | ₹3,00,000 |
| शुरू का स्टॉक | ₹2,00,000 |
| + महीने की खरीद | ₹2,40,000 |
| − आखिर का स्टॉक (गिनकर) | ₹2,10,000 |
| = बिके माल की लागत | ₹2,30,000 |
| सकल लाभ (बिक्री − लागत) | ₹70,000 |
| − किराया, सैलरी, बिजली, बाकी खर्च | ₹45,000 |
| = शुद्ध लाभ | ₹25,000 |
यह एक उदाहरण है, कोई औसत नहीं। आखिर का स्टॉक गिनकर लें; स्टॉक कम निकले तो वह भी घाटा है: स्टॉक कम क्यों पड़ता है। रोज़ का हिसाब: दुकान का हिसाब किताब। अंग्रेज़ी में: profit and loss report।
हाथ से, Excel या सॉफ़्टवेयर?
कॉपी में ये सब निकालना महीने के आखिर का सिरदर्द है। Excel में खरीद-बिक्री अलग लिखनी पड़ती है। बिलिंग सॉफ़्टवेयर में हर आइटम का खरीद दाम सेव रहता है, इसलिए बिक्री के साथ मुनाफ़ा अपने आप बनता है; RichPOS में प्रॉफ़िट एंड लॉस रिपोर्ट और खर्च का हिसाब है, और 30 दिन का फ्री ट्रायल है।
मिलती-जुलती गाइड: रोज़ का प्रॉफ़िट-लॉस हिसाब।
आखिरी बात
मुनाफ़ा गल्ले से नहीं, हिसाब से पता चलता है। अपने 10 बड़े आइटम का मार्जिन फ्री प्रॉफ़िट मार्जिन कैलकुलेटर में देखें, और हर बिल के साथ मुनाफ़ा अपने आप जानने के लिए RichPOS का 30 दिन का फ्री ट्रायल लें।
FAQ
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
दुकान का मुनाफ़ा कैसे निकालें?
एक सामान का मुनाफ़ा = बिक्री दाम − खरीद दाम। पूरी दुकान का महीने का शुद्ध लाभ = बिक्री − बिके माल की लागत − खर्च, जहाँ बिके माल की लागत = शुरू का स्टॉक + खरीद − आखिर का स्टॉक।
मार्जिन और मार्कअप में क्या फ़र्क है?
मार्जिन मुनाफ़े को बिक्री दाम से भाग देकर निकलता है और मार्कअप खरीद दाम से। ₹750 का सामान ₹1,000 में बेचा तो मार्जिन 25% और मार्कअप 33.3%।
25% मार्जिन के लिए बिक्री दाम कैसे तय करें?
बिक्री दाम = खरीद दाम ÷ (1 − 0.25)। ₹750 की लागत पर ₹750 ÷ 0.75 = ₹1,000। लागत पर 25% जोड़ने से सिर्फ़ 20% मार्जिन बनता है।
मुनाफ़ा GST सहित निकालें या बिना GST?
GST रजिस्टर्ड दुकान बिना GST के दाम पर निकाले, क्योंकि बिक्री पर लिया GST सरकार को जाता है और खरीद पर दिया GST इनपुट टैक्स क्रेडिट में वापस मिलता है। कंपोज़िशन वाली दुकान का हिसाब अलग है, CA से पूछें।
10% डिस्काउंट से मुनाफ़ा कितना घटता है?
25% मार्जिन वाले सामान पर 10% छूट से मुनाफ़ा ₹250 से ₹150 रह जाता है, यानी 40% कम, और मार्जिन 16.7% रह जाता है।
ASलेखक Ashok SachdevFounder, RichPOS Software, अहमदाबाद। हम भारतीय दुकानों के लिए RichPOS बनाते हैं और ये गाइड दुकानदारों के रोज़ के सवालों से लिखते हैं। टैक्स रेट और कीमतें तारीख के साथ दी गई हैं; GST के मामलों में अपने CA से पुष्टि करें। सवाल? WhatsApp करें.
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