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दुकान का हिसाब किताब कैसे रखें? 6 खाते और रोज़ का तरीका

दुकान का हिसाब किताब कैसे रखें: कैश बुक, UPI बुक, उधार खाता, सप्लायर खाता, स्टॉक रजिस्टर और खर्च। रोज़ गल्ला मिलाना और महीने का मुनाफ़ा।

Ashok Sachdev · 7 मिनट में पढ़ें
दुकान का हिसाब किताब: 6 ज़रूरी खाते और रोज़ गल्ला मिलाने का तरीका
इस पेज पर · 8 हिस्से
  1. दुकान के लिए कौन से 6 खाते ज़रूरी हैं?
  2. रोज़ की कैश बुक कैसे लिखें?
  3. उधार और सप्लायर का हिसाब
  4. महीने के अंत में मुनाफ़ा कैसे निकालें?
  5. GST रजिस्टर्ड दुकान के लिए कानूनी नियम
  6. कॉपी या सॉफ्टवेयर: कौन सा तरीका बेहतर?
  7. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  8. आखिरी बात

अपडेट: 17 अक्टूबर 2026 · लेखक: अशोक सचदेव · स्रोत: CGST अधिनियम की धारा 35 और 36 (CBIC पोर्टल)

Quick answer

दुकान का हिसाब-किताब रखने के लिए 6 खाते काफ़ी हैं: रोज़ की कैश बुक, UPI और बैंक की बुक, ग्राहकों का उधार खाता, सप्लायर का खाता, स्टॉक रजिस्टर और खर्च की लिस्ट। हर शाम कैश गिनकर कैश बुक से मिलाएँ, हर हफ्ते उधार और सप्लायर का बकाया देखें, और महीने के अंत में बिक्री, खरीद, खर्च और स्टॉक से मुनाफ़ा निकालें।

ज़्यादातर दुकानदार हिसाब तभी देखते हैं जब महीने के अंत में "पैसा कम क्यों है" का सवाल उठता है। तब तक यह पता करना मुश्किल होता है कि कमी किस दिन, किस वजह से हुई। इस गाइड में बताया है कि कौन से खाते रखें, हर खाते में क्या लिखें, और रोज़, हफ्ते और महीने में क्या मिलाएँ, ताकि हिसाब हर दिन साफ रहे।

दुकान के लिए कौन से 6 खाते ज़रूरी हैं?

खाताक्या लिखेंकब मिलाएँ
1. कैश बुकसुबह का कैश, नकद बिक्री, नकद वसूली, नकद खर्च, मालिक द्वारा निकाला पैसा, शाम का बैलेंसहर शाम, गल्ला गिनकर
2. UPI / बैंक बुकUPI, कार्ड और बैंक में आया-गया पैसा, कैश जमाहर दिन UPI ऐप से; महीने में बैंक स्टेटमेंट से
3. उधार खाता (ग्राहक)हर ग्राहक का उधार बिल, आंशिक भुगतान, बाकी रकमहर हफ्ते
4. सप्लायर खाताहर सप्लायर से खरीद, भुगतान, बकायाहर हफ्ते और भुगतान से पहले
5. स्टॉक रजिस्टरहर आइटम का आया माल, बिका माल, बचा स्टॉकहर महीने गिनती से
6. खर्च की लिस्टकिराया, बिजली, तनख्वाह, चाय-पानी, ढुलाईहर दिन लिखें, महीने में जोड़ें

रोज़ की कैश बुक कैसे लिखें?

कैश बुक में ये कॉलम रखें: तारीख, विवरण, बिल या वाउचर नंबर, कैश आया, कैश गया और बैलेंस। शाम का फ़ॉर्मूला सीधा है:

लाइनउदाहरण (₹)
सुबह का कैश (ओपनिंग)2,000
+ नकद बिक्री18,500
+ उधार की नकद वसूली1,500
− नकद खर्च (चाय, ढुलाई)350
− सप्लायर को नकद भुगतान5,000
− मालिक ने घर के लिए निकाला2,000
= गल्ले में होना चाहिए14,650

अब गल्ला गिनें। अगर ₹14,500 निकले, तो ₹150 का फर्क उसी दिन लिखें और वजह ढूँढें। ये आंकड़े सिर्फ उदाहरण हैं। UPI और कार्ड की बिक्री कैश बुक में न मिलाएँ; उन्हें अलग कॉलम या बैंक बुक में रखें, वरना गल्ला कभी नहीं मिलेगा। विस्तार से (अंग्रेज़ी में): दुकान की डेली कैश बुक और UPI पेमेंट का मिलान।

उधार और सप्लायर का हिसाब

  • हर उधार बिल ग्राहक के नाम पर लिखें, तारीख और रकम के साथ। आंशिक भुगतान आए तो उसी खाते में घटाएँ।
  • हर हफ्ते लिस्ट देखें: किसका कितना बाकी है और कितने दिन से। पुराना उधार पहले माँगें। तरीका: उधार वापस कैसे लें।
  • सप्लायर का बकाया उनके स्टेटमेंट से हर महीने मिलाएँ, ताकि भुगतान के समय बहस न हो।

महीने के अंत में मुनाफ़ा कैसे निकालें?

हिसाबकैसे
बिक्री (Sales)महीने की कुल बिक्री (नकद + UPI + उधार)
बेचे गए माल की लागतशुरू का स्टॉक + महीने की खरीद − आखिर का स्टॉक
सकल मुनाफ़ा (Gross profit)बिक्री − बेचे गए माल की लागत
शुद्ध मुनाफ़ा (Net profit)सकल मुनाफ़ा − किराया, बिजली, तनख्वाह और बाकी खर्च

ध्यान रखें: मालिक का घर के लिए निकाला पैसा खर्च नहीं है, वह मुनाफ़े में से निकासी है। GST रजिस्टर्ड हैं तो बिक्री और खरीद GST के बिना (टैक्सेबल वैल्यू पर) गिनें। पढ़ें (अंग्रेज़ी में): दुकान की प्रॉफिट एंड लॉस रिपोर्ट।

GST रजिस्टर्ड दुकान के लिए कानूनी नियम

CGST अधिनियम की धारा 35 के अनुसार रजिस्टर्ड व्यक्ति को अपनी मुख्य दुकान पर खरीद, बिक्री, स्टॉक, इनपुट टैक्स क्रेडिट और जमा टैक्स का सही हिसाब रखना है; यह हिसाब इलेक्ट्रॉनिक रूप में भी रखा जा सकता है। धारा 36 के अनुसार ये रिकॉर्ड उस साल के वार्षिक रिटर्न की नियत तारीख से 72 महीने तक रखने हैं।

कॉपी या सॉफ्टवेयर: कौन सा तरीका बेहतर?

बातकॉपी / Excelबिलिंग सॉफ्टवेयर
कैश बुकहाथ से जोड़नाबिलों से अपने आप; शाम को डे-क्लोज़ में गल्ला गिनती
उधारअलग खाता, भूलने का डरबिल उधार में रखते ही ग्राहक के खाते में; WhatsApp रिमाइंडर
स्टॉकमहीने में गिनती और जोड़-घटावहर बिक्री और खरीद से अपने आप घटता-बढ़ता है
मुनाफ़ामहीने के अंत में मेहनतप्रॉफिट एंड लॉस रिपोर्ट
CA के लिएकॉपी की फोटोExcel, CSV या PDF रिपोर्ट, Tally एक्सपोर्ट

शुरू करने के लिए फ्री Excel टेम्पलेट (कैश बुक, उधार खाता, स्टॉक रजिस्टर) यहाँ हैं: फ्री Excel टेम्पलेट। RichPOS में कैश और बैंक का लेजर, ग्राहकों का उधार और WhatsApp रिमाइंडर, सप्लायर लेजर, स्टॉक और 20 से ज़्यादा रिपोर्ट एक जगह हैं। 30 दिन का फ्री ट्रायल शुरू करें या हिंदी में RichPOS के बारे में पढ़ें।

आखिरी बात

हिसाब रोज़ थोड़ा-थोड़ा रखें, महीने के अंत में एक साथ नहीं। शाम को गल्ला मिलाना, हफ्ते में उधार देखना और महीने में मुनाफ़ा निकालना, बस यही तीन आदतें दुकान का पैसा बचाती हैं। सवाल हो तो WhatsApp पर पूछें, हम हिंदी में जवाब देते हैं।

FAQ

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

दुकान का हिसाब किताब कैसे रखें?
6 खाते रखें: रोज़ की कैश बुक, UPI और बैंक बुक, ग्राहकों का उधार खाता, सप्लायर खाता, स्टॉक रजिस्टर और खर्च की लिस्ट। हर शाम गल्ला गिनकर कैश बुक से मिलाएँ, हर हफ्ते उधार और सप्लायर बकाया देखें, और महीने के अंत में मुनाफ़ा निकालें।
कैश बुक में क्या-क्या लिखते हैं?
तारीख, विवरण, बिल या वाउचर नंबर, कैश आया, कैश गया और बैलेंस। सुबह का कैश, नकद बिक्री, नकद वसूली, नकद खर्च, सप्लायर को नकद भुगतान और मालिक का निकाला पैसा, सब लिखें। UPI और कार्ड की रकम अलग रखें।
रोज़ गल्ले का हिसाब कैसे मिलाएँ?
सुबह का कैश + नकद बिक्री + नकद वसूली − नकद खर्च − नकद भुगतान − मालिक की निकासी = गल्ले में होना चाहिए। फिर गल्ला गिनें और फर्क उसी दिन लिखें।
दुकान का मुनाफ़ा कैसे निकालें?
बिक्री में से बेचे गए माल की लागत घटाएँ (शुरू का स्टॉक + खरीद − आखिर का स्टॉक); यह सकल मुनाफ़ा है। इसमें से किराया, बिजली, तनख्वाह जैसे खर्च घटाएँ तो शुद्ध मुनाफ़ा मिलता है। मालिक की निकासी खर्च नहीं गिनी जाती।
GST में हिसाब कितने साल रखना पड़ता है?
CGST अधिनियम की धारा 36 के अनुसार उस साल के वार्षिक रिटर्न की नियत तारीख से 72 महीने, यानी लगभग 6 साल। हिसाब इलेक्ट्रॉनिक रूप में भी रखा जा सकता है।
दुकान का हिसाब रखने वाला ऐप कौन सा है?
सिर्फ उधार लिखना हो तो Khatabook जैसे फ्री लेजर ऐप चलते हैं। बिल, स्टॉक, उधार, कैश और GST रिपोर्ट सब एक जगह चाहिए तो बिलिंग सॉफ्टवेयर बेहतर है। RichPOS 30 दिन फ्री ट्रायल के बाद पहले 3 महीने ₹99/महीना, फिर ₹199/महीना या ₹2,000/साल है।
लेखक Ashok Sachdev

Founder, RichPOS Software, अहमदाबाद। हम भारतीय दुकानों के लिए RichPOS बनाते हैं और ये गाइड दुकानदारों के रोज़ के सवालों से लिखते हैं। टैक्स रेट और कीमतें तारीख के साथ दी गई हैं; GST के मामलों में अपने CA से पुष्टि करें। सवाल? WhatsApp करें.

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