अपडेट: 18 अक्टूबर 2026 · लेखक: अशोक सचदेव · स्रोत: लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज़) नियम, 2011 (G.S.R. 202(E), 7 मार्च 2011, संशोधित), नियम 18(2); लीगल मेट्रोलॉजी अधिनियम, 2009
Quick answer
पैक किया सामान MRP से ज़्यादा दाम पर बेचना कानूनन मना है। लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज़) नियम, 2011 का नियम 18(2) कहता है कि कोई भी रिटेल दुकानदार, निर्माता, पैकर, आयातक या थोक व्यापारी पैक सामान को उसकी रिटेल सेल प्राइस (MRP) से ज़्यादा दाम पर नहीं बेच सकता। MRP में सारे टैक्स शामिल होते हैं, इसलिए उस पर GST, ठंडा करने का चार्ज या कुछ भी ऊपर नहीं जोड़ सकते; MRP पर या उससे कम पर बेचना ठीक है।
ज़्यादातर दुकानदार जानबूझकर MRP से ज़्यादा नहीं लेते; गलती बिलिंग या पुराने रेट से होती है। इस गाइड में नियम, आम गलतियाँ, सही प्राइस टैग कैसे बनाएँ, और ग्राहक शिकायत कहाँ करता है, आसान भाषा में है। अंग्रेज़ी में: selling above MRP rules।
MRP का मतलब
MRP (मैक्सिमम रिटेल प्राइस) पैक पर छपा वह सबसे ज़्यादा दाम है जिस पर सामान ग्राहक को बेचा जा सकता है। पैकेज्ड कमोडिटीज़ नियमों में इसे "retail sale price" कहा गया है और यह "inclusive of all taxes" यानी सारे टैक्स सहित लिखा जाता है। इसे निर्माता, पैकर या आयातक तय करके छापता है, दुकानदार नहीं।
सही या गलत: आम हालात
| हालात | सही / गलत | क्यों |
| MRP ₹100 पर ₹100 लेना | सही | MRP सबसे ज़्यादा दाम है |
| MRP ₹100 पर ₹90 लेना | सही | MRP से कम पर बेचना हमेशा ठीक |
| MRP ₹100 + 18% GST = ₹118 | गलत | MRP में GST पहले से शामिल है |
| ठंडी बोतल पर ₹20 की जगह ₹22 | गलत | पैक सामान पर ठंडा करने का चार्ज जोड़कर MRP पार करना |
| MRP घटने के बाद पुराने ऊँचे रेट पर बिल | गलत | नए स्टॉक की छपी MRP से ज़्यादा |
| छपी MRP पर ऊँचे दाम का स्टिकर | गलत | दाम दुकानदार नहीं बदल सकता |
| खुला चावल, दाल, मिठाई अपने दाम पर | सही | खुले माल पर MRP नहीं छपी होती; पर तौल का काँटा सत्यापित होना चाहिए |
MRP पर बेचने में GST कैसे निकलेगा?
MRP में GST शामिल है, इसलिए बिल में GST उल्टा निकालें: बिना GST दाम = बिक्री दाम × 100 ÷ (100 + रेट)। MRP ₹100 और 18% GST पर: बिना GST दाम ₹84.75 और GST ₹15.25। पूरा तरीका: GST कैसे कैलकुलेट करें।
प्राइस टैग के नियम: शेल्फ़ पर क्या लिखें
- ऑफ़र दाम MRP से ज़्यादा कभी नहीं: टैग पर MRP और ऑफ़र दाम दोनों लिखें, ऑफ़र दाम MRP के बराबर या कम।
- बचत साफ़ लिखें: जैसे "MRP ₹120, ऑफ़र ₹99, बचत ₹21"। गलत "% छूट" न लिखें।
- पैक पर छपी MRP न ढकें: दाम का स्टिकर छपी MRP के ऊपर न लगाएँ।
- खुले माल पर इकाई लिखें: जैसे "₹80 प्रति किलो"।
- टैग और बिल का दाम एक हो: बिलिंग में वही दाम सेव करें जो टैग पर है; MRP बदले तो दोनों बदलें।
फ्री प्राइस टैग मेकर से A4 शीट पर (8, 18 या 36 टैग) MRP, ऑफ़र दाम और बचत वाले टैग बनाएँ; ऑफ़र दाम MRP से ज़्यादा हो तो वह चेतावनी देता है। सही MRP और मार्जिन के लिए प्रॉफ़िट मार्जिन कैलकुलेटर।
हाथ से दाम, टैग या बारकोड बिलिंग?
| हाथ से दाम लिखना | प्राइस टैग | बारकोड बिलिंग |
| MRP से ज़्यादा का खतरा | सबसे ज़्यादा (गलत टाइप) | कम, अगर टैग सही हो | सबसे कम: दाम आइटम में सेव |
| MRP बदलने पर | याद रखना पड़ता है | नया टैग छापें | आइटम में एक बार बदलें |
| खर्च | फ्री | फ्री टूल + कागज़ | RichPOS: 30 दिन फ्री, फिर पहले 3 महीने ₹99/महीना, उसके बाद ₹199/महीना या ₹2,000/साल |
अपने पैक माल पर बारकोड: बारकोड कैसे बनाएं।
शिकायत और जुर्माना
MRP से ज़्यादा दाम लेने पर लीगल मेट्रोलॉजी अधिनियम, 2009 के तहत कार्रवाई होती है, जिसे हर राज्य का लीगल मेट्रोलॉजी विभाग लागू करता है। जुर्माने की रकम और ताज़ा संशोधन अपने राज्य के लीगल मेट्रोलॉजी कार्यालय या CA से पता करें। ग्राहक राज्य के लीगल मेट्रोलॉजी कार्यालय में या राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 पर शिकायत कर सकता है।
आखिरी बात
MRP एक छत है जिसमें GST पहले से है: उस पर या उससे कम पर बेचें, कभी ऊपर नहीं। शेल्फ़ के लिए सही टैग फ्री प्राइस टैग मेकर से बनाएँ, और दाम हमेशा आइटम में सेव रखकर बारकोड से बिल बनाने के लिए RichPOS का 30 दिन का फ्री ट्रायल लें।
FAQ
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या दुकानदार MRP से ज़्यादा दाम ले सकता है?
नहीं। लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज़) नियम, 2011 के नियम 18(2) के अनुसार कोई भी रिटेल दुकानदार पैक सामान को उसकी रिटेल सेल प्राइस (MRP) से ज़्यादा दाम पर नहीं बेच सकता।
क्या MRP पर GST अलग से लगता है?
नहीं। MRP सारे टैक्स सहित होती है। बिल में GST उल्टा निकालें: बिना GST दाम = दाम × 100 ÷ (100 + रेट); ऊपर से GST जोड़ना MRP से ज़्यादा लेना है।
क्या MRP से कम दाम पर बेच सकते हैं?
हाँ। MRP सबसे ज़्यादा दाम है, तय दाम नहीं। कोई भी छूट दे सकते हैं, और GST छूट के बाद के दाम पर निकलता है।
ठंडी कोल्ड ड्रिंक पर ज़्यादा पैसे ले सकते हैं?
दुकान के काउंटर से बिकने वाली पैक बोतल पर ठंडा करने के नाम पर MRP से ज़्यादा लेना MRP नियम तोड़ना है। छपी MRP ही सबसे ज़्यादा दाम है।
प्राइस टैग पर क्या लिखना चाहिए?
आइटम का नाम, MRP, ऑफ़र दाम (MRP के बराबर या कम) और बचत; खुले माल पर प्रति किलो या प्रति नग दाम। टैग का दाम और बिलिंग का दाम एक होना चाहिए।
MRP से ज़्यादा लेने की शिकायत कहाँ करें?
अपने राज्य के लीगल मेट्रोलॉजी कार्यालय में, या राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 पर।