
इस पेज पर · 7 हिस्से
- फ्री इन-स्टोर बारकोड या GS1 बारकोड?
- फ्री में बारकोड बनाने के 5 स्टेप
- कौन सी लेबल शीट या रोल लें?
- बारकोड स्कैन न हो तो क्या करें?
- बारकोड से बिलिंग कैसे करें?
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
- आखिरी बात
अपडेट: 18 अक्टूबर 2026 · लेखक: अशोक सचदेव · स्रोत: GS1 India फ़ीस ढाँचा (1 अक्टूबर 2026 से लागू)
Quick answer
दुकान के अंदर बिकने वाले सामान का बारकोड बनाने के लिए फ्री बारकोड लेबल जनरेटर खोलें, आइटम का नाम और दाम लिखें, बारकोड खाली छोड़ें तो 20 से शुरू होने वाला EAN-13 नंबर अपने आप बनेगा (या अपना कोड Code 128 में), फिर A4 लेबल शीट या 50×25 mm थर्मल रोल चुनकर 100% स्केल पर प्रिंट करें। ये बारकोड हर आम USB या ब्लूटूथ स्कैनर पढ़ता है। अगर अपना पैक किया माल दूसरी दुकानों, रिटेल चेन या ऑनलाइन बेचना है, तो GS1 India से 890 वाला बारकोड लेना होगा।
कपड़े, गिफ्ट, खुला सामान, अपनी पैकिंग वाली मिठाई या नमकीन: बहुत सा माल बिना बारकोड के आता है। बारकोड लगाने से बिलिंग तेज़ होती है, गलत दाम कम लगते हैं और स्टॉक सही रहता है। इस गाइड में बारकोड बनाने का फ्री तरीका, सही लेबल साइज़ और GS1 की ज़रूरत कब पड़ती है, आसान भाषा में है।
फ्री इन-स्टोर बारकोड या GS1 बारकोड?
| दुकान के अंदर का बारकोड | GS1 India बारकोड |
| किसके लिए | सिर्फ़ अपनी दुकान में बिकने वाला सामान | दूसरी दुकानों, रिटेल चेन या ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर बिकने वाला अपना पैक माल |
| नंबर | 20 से शुरू (GS1 ने इन-स्टोर इस्तेमाल के लिए रखा है) या अपना Code 128 कोड | 890 से शुरू (भारत का प्रीफ़िक्स) |
| खर्च | फ्री | 100 बारकोड, 1 साल, ₹5 करोड़ तक की बिक्री: ₹50,200 (₹27,000 रजिस्ट्रेशन + ₹13,000 सब्सक्रिप्शन + ₹7,200 GST + ₹3,000 रिफ़ंडेबल डिपॉज़िट) |
| समय | तुरंत | दस्तावेज़ और भुगतान के बाद आम तौर पर 7 से 10 कामकाजी दिन |
| कहाँ से | फ्री लेबल जनरेटर या बिलिंग सॉफ़्टवेयर | सिर्फ़ GS1 India (वह कहता है कि 890 वाले बारकोड का वही अकेला अधिकृत स्रोत है) |
लेबल शीट नहीं, सिर्फ़ बारकोड की इमेज (PNG या SVG) चाहिए, जैसे पैकिंग डिज़ाइन में लगाने के लिए, तो फ्री बारकोड जनरेटर इस्तेमाल करें। शेल्फ़ पर MRP और ऑफ़र दाम वाले प्राइस टैग के लिए फ्री प्राइस टैग मेकर है। GS1 फ़ीस और नियम की पूरी जानकारी: अपने प्रोडक्ट के लिए GS1 बारकोड।
फ्री में बारकोड बनाने के 5 स्टेप
- आइटम लिखें: बारकोड लेबल जनरेटर में आइटम का नाम, दाम और कितने लेबल चाहिए, लिखें। Excel से एक साथ कई आइटम पेस्ट कर सकते हैं।
- बारकोड नंबर: पैक पर पहले से बारकोड है तो वही नंबर लिखें; नहीं है तो खाली छोड़ें, नंबर अपने आप बनेगा।
- टाइप चुनें: सिर्फ़ अंकों के लिए EAN-13; अक्षर और अंक मिले कोड (जैसे KUR-BLU-L) के लिए Code 128।
- लेबल साइज़ चुनें: जो A4 शीट या थर्मल रोल आपके पास है, वही चुनें; दुकान का नाम और MRP या दाम जोड़ें।
- 100% पर प्रिंट करें: प्रिंट विंडो में Scale 100% (Actual size) और Margins None रखें। पहले सादे कागज़ पर एक टेस्ट पेज निकालकर शीट से मिलाएँ।
कौन सी लेबल शीट या रोल लें?
| शीट / रोल | लेबल साइज़ | किसके लिए अच्छा |
| A4, 65 लेबल (5 × 13) | 38.1 × 21.2 mm | कपड़े, कॉस्मेटिक, स्टेशनरी, गिफ्ट के प्राइस टैग |
| A4, 48 लेबल (4 × 12) | 48 × 24 mm | लंबे नाम वाले किराना और FMCG आइटम |
| A4, 24 लेबल (3 × 8) | 63.5 × 33.9 mm | डिब्बे, जूतों के कार्टन, बड़ा दाम |
| A4, 21 लेबल (3 × 7) | 63.5 × 38.1 mm | शेल्फ़ और रैक लेबल |
| थर्मल रोल | 50 × 25 mm या 38 × 25 mm | TSC, Zebra, TVS जैसे लेबल प्रिंटर |
बारकोड स्कैन न हो तो क्या करें?
- प्रिंट स्केल 100% है, "Fit to page" नहीं, यह जाँचें।
- लेज़र या थर्मल प्रिंटर से प्रिंट करें; धुंधली इंकजेट प्रिंट कम पढ़ी जाती है।
- लंबे Code 128 कोड छोटे लेबल पर न डालें; कोड छोटा रखें या बड़ा लेबल लें।
- बारकोड के दोनों तरफ़ खाली जगह (quiet zone) न काटें।
बारकोड से बिलिंग कैसे करें?
लेबल लगाने के बाद एक USB या ब्लूटूथ बारकोड स्कैनर लें और बिलिंग सॉफ़्टवेयर में हर आइटम पर वही बारकोड सेव करें। स्कैन करते ही आइटम दाम और GST के साथ बिल में आ जाएगा और स्टॉक घट जाएगा। RichPOS में ऐप से ही बारकोड लेबल डिज़ाइन और प्रिंट होते हैं और बारकोड से बिलिंग होती है। अंग्रेज़ी में विस्तार: print barcode labels और barcode inventory management। स्टॉक का हिसाब रखने के लिए: स्टॉक रजिस्टर कैसे बनाएं।
आखिरी बात
दुकान के अंदर के सामान के लिए बारकोड बनाना फ्री और 10 मिनट का काम है। आज ही फ्री बारकोड लेबल जनरेटर से एक शीट प्रिंट करें, और स्कैन करके बिल बनाने के लिए RichPOS का 30 दिन का फ्री ट्रायल लें, कार्ड नहीं चाहिए।
FAQ
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
दुकान के सामान का बारकोड फ्री में कैसे बनाएं?
फ्री बारकोड लेबल जनरेटर में आइटम का नाम और दाम लिखें, बारकोड खाली छोड़ें तो 20 से शुरू होने वाला EAN-13 नंबर बनेगा। फिर A4 लेबल शीट या थर्मल रोल चुनें और 100% स्केल पर प्रिंट करें। साइन-अप की ज़रूरत नहीं।
क्या मेरे बनाए बारकोड हर स्कैनर से स्कैन होंगे?
हाँ, अगर प्रिंट साफ़ और सही साइज़ का है। EAN-13 और Code 128 स्टैंडर्ड बारकोड हैं, जिन्हें हर आम USB और ब्लूटूथ रिटेल स्कैनर पढ़ता है। 100% स्केल पर, हो सके तो लेज़र या थर्मल प्रिंटर से प्रिंट करें।
GS1 बारकोड कब लेना ज़रूरी है?
जब आप अपना पैक किया माल दूसरी दुकानों, रिटेल चेन या ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर बेचते हैं। GS1 India कहता है कि ऐसे बिज़नेस को GS1 बारकोड लेने चाहिए। सिर्फ़ अपनी दुकान के अंदर के लिए 20 से शुरू होने वाले इन-स्टोर नंबर काफ़ी हैं।
GS1 India बारकोड की फ़ीस कितनी है?
1 अक्टूबर 2026 से लागू फ़ीस के हिसाब से ₹5 करोड़ तक की सालाना बिक्री पर 100 बारकोड, 1 साल के लिए: ₹27,000 रजिस्ट्रेशन + ₹13,000 सब्सक्रिप्शन + ₹7,200 GST + ₹3,000 रिफ़ंडेबल डिपॉज़िट = ₹50,200।
EAN-13 और Code 128 में क्या फ़र्क है?
EAN-13 में 13 अंक होते हैं और यह पैक्ड सामान पर आम है। Code 128 में अक्षर और अंक दोनों आ सकते हैं, इसलिए अपने आइटम कोड (जैसे KUR-BLU-L) के लिए अच्छा है। दोनों आम स्कैनर से पढ़े जाते हैं।
बारकोड लेबल के लिए कौन सी शीट सबसे अच्छी है?
कपड़े, कॉस्मेटिक और स्टेशनरी के प्राइस टैग के लिए A4 पर 65 लेबल (38 × 21 mm) सबसे आम और सस्ती है। बड़े नाम या दाम के लिए 48 या 24 लेबल वाली शीट, और लेबल प्रिंटर के लिए 50 × 25 mm थर्मल रोल।
Free tool: use the barcode label generator to print barcode labels on A4 sheets or a thermal printer. No sign-up.
ASलेखक Ashok SachdevFounder, RichPOS Software, अहमदाबाद। हम भारतीय दुकानों के लिए RichPOS बनाते हैं और ये गाइड दुकानदारों के रोज़ के सवालों से लिखते हैं। टैक्स रेट और कीमतें तारीख के साथ दी गई हैं; GST के मामलों में अपने CA से पुष्टि करें। सवाल? WhatsApp करें.
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