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GST रजिस्ट्रेशन कैसे करें? दुकानदार के लिए स्टेप, दस्तावेज़

GST रजिस्ट्रेशन कैसे करें: REG-01 के स्टेप, ज़रूरी दस्तावेज़, किराए की दुकान का पता-प्रमाण, आधार ऑथेंटिकेशन, 3 से 7 दिन में GSTIN, सरकारी फीस शून्य।

Ashok Sachdev · 10 मिनट में पढ़ें
GST रजिस्ट्रेशन कैसे करें: दुकानदार के लिए हिंदी गाइड
इस पेज पर · 10 हिस्से
  1. GST रजिस्ट्रेशन कब ज़रूरी है?
  2. कौन-से दस्तावेज़ चाहिए?
  3. स्टेप-बाय-स्टेप: GST रजिस्ट्रेशन कैसे करें
  4. GST नंबर कितने दिन में मिलता है?
  5. उदाहरण: किराए की कपड़े की दुकान
  6. रजिस्ट्रेशन के बाद पहले 30 दिन में क्या करें
  7. आम गलतियाँ जिनसे आवेदन अटकता है
  8. GST लेने के फ़ायदे
  9. GSTIN मिलने के बाद बिलिंग
  10. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

अपडेट: 21 अक्टूबर 2026 · लेखक: अशोक सचदेव · स्रोत: GST पोर्टल यूज़र गाइड (New Registration), CBIC Instruction 03/2025-GST, CGST नियम 10A · In English: GST registration limit for shops

Quick answer

GST रजिस्ट्रेशन के लिए gst.gov.in पर Services → Registration → New Registration खोलकर फॉर्म REG-01 भरें। पहले PAN, मोबाइल और ईमेल से TRN लें, फिर दुकान, मालिक, पते और सामान की जानकारी के साथ दस्तावेज़ अपलोड करें और आधार ऑथेंटिकेशन करें। सरकारी फीस नहीं लगती; सही आवेदन पर आम तौर पर 7 कार्यदिवस में GSTIN मिलता है।

बहुत से दुकानदार GST नंबर के लिए एजेंट को पैसे देते हैं, जबकि सरकार इसकी कोई फीस नहीं लेती और फॉर्म खुद भरा जा सकता है। इस गाइड में हर स्टेप, सही दस्तावेज़, किराए की दुकान का पता-प्रमाण और मंज़ूरी में लगने वाला समय बताया गया है।

संक्षेप में

  • कब ज़रूरी: सिर्फ सामान बेचने वाली दुकान के लिए ज़्यादातर राज्यों में सालाना टर्नओवर ₹40 लाख पार होने पर; सेवा भी हो तो ₹20 लाख पर; दूसरे राज्य में माल बेचें तो किसी भी टर्नओवर पर।
  • फॉर्म: GST REG-01, gst.gov.in पर। सरकारी फीस: शून्य।
  • दस्तावेज़: PAN, आधार, फोटो, दुकान के पते का एक प्रमाण (किराए पर हो तो रेंट एग्रीमेंट भी)। बैंक की जानकारी रजिस्ट्रेशन के बाद भी दे सकते हैं।
  • समय: जोखिम वाला मामला न हो तो 7 कार्यदिवस; नियम 14A वाले आसान रास्ते से 3 कार्यदिवस; जाँच हो तो 30 दिन तक।
  • समय-सीमा: लिमिट पार होने के 30 दिन के अंदर आवेदन करें।

GST रजिस्ट्रेशन कब ज़रूरी है?

रजिस्ट्रेशन आपकी आमदनी या मुनाफ़े से नहीं, आपके टर्नओवर (कुल बिक्री) से तय होता है (CGST अधिनियम, धारा 22 और नोटिफ़िकेशन 10/2019-सेंट्रल टैक्स)।

आपका कारोबारज़्यादातर राज्यमणिपुर, मिज़ोरम, नागालैंड, त्रिपुरा
सिर्फ सामान (goods)₹40 लाखकम सीमा (₹40 लाख वाली छूट लागू नहीं)
सेवा, या सामान + सेवा₹20 लाख₹10 लाख

अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, पुडुचेरी, सिक्किम, तेलंगाना और उत्तराखंड में भी सामान वाली ₹40 लाख की सीमा लागू नहीं होती। इन राज्यों में अपनी सीमा CA से पक्की कर लें। कुछ हालात में टर्नओवर चाहे जितना हो, रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है, जैसे दूसरे राज्य के ग्राहक को सामान बेचना या मेले में दूसरे राज्य में अस्थायी स्टॉल लगाना। पूरी जानकारी दुकानदार के लिए GST नियम में है।

कौन-से दस्तावेज़ चाहिए?

CBIC ने Instruction 03/2025-GST (17 अप्रैल 2025) में अधिकारियों को साफ़ कहा है कि REG-01 की सूची से बाहर के कागज़ न माँगें। एक प्रोपराइटर दुकान के लिए यह काफ़ी है:

किस बात का प्रमाणक्या अपलोड करें
पहचानमालिक का PAN और आधार (आधार ऑथेंटिकेशन इसी से होता है)
फोटोमालिक की फोटो
अपनी दुकान का पताइनमें से कोई एक: ताज़ा प्रॉपर्टी टैक्स रसीद, म्युनिसिपल खाता कॉपी या बिजली बिल
किराए की दुकानरेंट एग्रीमेंट + मकान-मालिक के नाम का इनमें से कोई एक कागज़ (प्रॉपर्टी टैक्स रसीद, खाता कॉपी या बिजली बिल)। एग्रीमेंट रजिस्टर्ड नहीं है तो मकान-मालिक का एक पहचान-पत्र भी।
रिश्तेदार की दुकान (पिता, पत्नी आदि)सादे कागज़ पर सहमति-पत्र (consent letter) + उनका पहचान-पत्र + मालिकाना हक का कोई एक कागज़
किराए पर, पर एग्रीमेंट नहींस्टांप पेपर पर एफ़िडेविट + आपके नाम का बिजली बिल जैसा कब्ज़े का प्रमाण
पार्टनरशिप फ़र्मपार्टनरशिप डीड

उसी निर्देश के मुताबिक पार्टनरशिप फ़र्म के लिए डीड काफ़ी है और Udyam या MSME सर्टिफ़िकेट, शॉप एस्टैब्लिशमेंट सर्टिफ़िकेट या ट्रेड लाइसेंस जैसे अतिरिक्त कागज़ नहीं माँगे जाने चाहिए। किराए की दुकान में मकान-मालिक की दुकान के सामने या अंदर खड़े होकर खिंचवाई फोटो नहीं माँगी जानी चाहिए, और एग्रीमेंट रजिस्टर्ड हो तो उसका पहचान-पत्र भी नहीं। बिजली या पानी का कनेक्शन आपके (किराएदार के) नाम पर हो, तो रेंट एग्रीमेंट के साथ वही काफ़ी है।

बैंक खाते की जानकारी आवेदन के समय देना ज़रूरी नहीं है। नियम 10A के मुताबिक रजिस्ट्रेशन मिलने के 30 दिन के अंदर, या पहला GSTR-1 भरने से पहले (जो पहले हो), इसे पोर्टल पर जोड़ना होता है।

स्टेप-बाय-स्टेप: GST रजिस्ट्रेशन कैसे करें

ये स्टेप GST पोर्टल की आधिकारिक New Registration यूज़र गाइड पर आधारित हैं।

भाग A: TRN लेना

  1. gst.gov.in पर Services → Registration → New Registration चुनें।
  2. "I am a" में Taxpayer चुनें, फिर राज्य और ज़िला चुनें।
  3. PAN के अनुसार कानूनी नाम (legal name), PAN, ईमेल और मोबाइल नंबर भरें।
  4. मोबाइल और ईमेल पर आए दोनों OTP डालें। आपको TRN (Temporary Reference Number) मिलेगा।

TRN से लॉग-इन करके 15 दिन के अंदर भाग B भरकर जमा करें, वरना TRN और भरी हुई सारी जानकारी मिट जाती है।

भाग B: पूरी जानकारी और दस्तावेज़

  1. Business Details: दुकान का नाम (trade name), कारोबार का प्रकार (प्रोपराइटरशिप, पार्टनरशिप आदि), कारोबार शुरू होने की तारीख और जिस तारीख से रजिस्ट्रेशन ज़रूरी हुआ।
  2. कंपोज़िशन का विकल्प: छोटी दुकान कंपोज़िशन स्कीम लेना चाहे तो यहीं "Yes" चुनें। फ़ायदे-नुकसान पहले GST composition scheme में पढ़ लें।
  3. नियम 14A का विकल्प: अगर रजिस्टर्ड ग्राहकों (B2B) को होने वाली बिक्री पर आपका आउटपुट टैक्स हर महीने ₹2.5 लाख तक रहेगा, तो "Yes" चुन सकते हैं। इसके साथ आधार ऑथेंटिकेशन भी "Yes" होना ज़रूरी है।
  4. Promoter / Partners और Authorised Signatory: मालिक या पार्टनरों की जानकारी, फोटो और पहचान।
  5. Principal Place of Business: दुकान का पूरा पता, मालिकाना हक का प्रकार (अपना, किराया, सहमति) और ऊपर बताया गया पते का प्रमाण। कोई गोदाम हो तो Additional Places of Business में डालें।
  6. Goods and Services: सबसे ज़्यादा बिकने वाले 5 सामानों के HSN कोड। HSN कोड बिल पर भी छपता है, इसलिए यहाँ सही कोड चुनें।
  7. Aadhaar Authentication: "Yes" चुनें। आवेदन जमा करने के बाद ईमेल या SMS पर OTP वाला लिंक आता है।
  8. Verification: घोषणा पर टिक करें और EVC (OTP) या DSC से जमा करें। आपको ARN (Application Reference Number) मिलेगा, जिससे आप स्टेटस देख सकते हैं।

अगर पोर्टल आपके आवेदन को जोखिम के आधार पर चुनता है, तो आपको GST सुविधा केंद्र (GSK) पर अपॉइंटमेंट लेकर बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन और दस्तावेज़ जाँच करानी होगी। उस समय मूल दस्तावेज़ साथ ले जाएँ।

GST नंबर कितने दिन में मिलता है?

स्थितिमंज़ूरी का समय
नियम 14A का विकल्प, आधार ऑथेंटिकेशन के साथ3 कार्यदिवस (1 नवंबर 2025 से)
आधार ऑथेंटिकेशन हुआ, आवेदन जोखिम वाला नहीं और पूरा है7 कार्यदिवस
आधार ऑथेंटिकेशन नहीं किया, या आवेदन जोखिम वाला चिह्नित हुआदुकान की भौतिक जाँच के बाद, 30 दिन तक
अधिकारी ने सवाल पूछा (फॉर्म REG-03)REG-04 में 7 कार्यदिवस के अंदर जवाब दें; जवाब से संतुष्ट होने पर 7 कार्यदिवस में मंज़ूरी

7 और 30 दिन वाले समय CBIC Instruction 03/2025 से हैं, और 3 दिन वाला रास्ता GST पोर्टल की गाइड के नियम 14A वाले विकल्प से। REG-03 का जवाब समय पर न देने पर आवेदन रद्द हो सकता है, इसलिए ARN मिलने के बाद ईमेल और SMS रोज़ देखें। मंज़ूरी के बाद रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट (REG-06) पोर्टल से डाउनलोड करें।

पोर्टल गाइड के मुताबिक, अगर आपने रजिस्ट्रेशन ज़रूरी होने के 30 दिन के अंदर आवेदन किया, तो रजिस्ट्रेशन उसी तारीख से लागू माना जाता है जिस दिन वह ज़रूरी हुआ था। देर से आवेदन करने पर वह मंज़ूरी की तारीख से लागू होता है, जबकि टैक्स की देनदारी पहले से बन चुकी होती है।

उदाहरण: किराए की कपड़े की दुकान

उदाहरण (EXAMPLE): रमेश जी इंदौर में किराए की दुकान में कपड़े बेचते हैं। जनवरी में साल का टर्नओवर ₹40 लाख पार हुआ।

  • उन्हें 30 दिन के अंदर REG-01 भरना है।
  • दस्तावेज़: PAN, आधार, फोटो, रजिस्टर्ड रेंट एग्रीमेंट और मकान-मालिक के नाम की प्रॉपर्टी टैक्स रसीद। एग्रीमेंट रजिस्टर्ड है, इसलिए मकान-मालिक का पहचान-पत्र नहीं चाहिए।
  • उनकी लगभग सारी बिक्री आम ग्राहकों को है, इसलिए B2B बिक्री पर टैक्स ₹2.5 लाख महीने से बहुत कम है और वे नियम 14A का विकल्प चुन सकते हैं।
  • आधार OTP से ऑथेंटिकेशन किया। कोई सवाल नहीं आया, तो GSTIN कुछ ही कार्यदिवसों में मिल गया।

रजिस्ट्रेशन के बाद पहले 30 दिन में क्या करें

  1. बैंक खाता जोड़ें (नियम 10A): 30 दिन के अंदर, या पहले GSTR-1 से पहले।
  2. दुकान के बोर्ड पर GSTIN लिखें (नियम 18) और हर बिक्री पर सही टैक्स इनवॉइस दें। तरीका GST बिल कैसे बनाएं में है।
  3. रिटर्न का कैलेंडर बनाएँ: रेगुलर स्कीम में GSTR-1 और GSTR-3B, कंपोज़िशन में CMP-08 और GSTR-4।
  4. GSTIN जाँच लें: पोर्टल पर अपना नंबर "Active" दिखता है या नहीं। Search Taxpayer में अपना GSTIN डालकर देखें।

आम गलतियाँ जिनसे आवेदन अटकता है

  • नाम में फ़र्क: legal name बिल्कुल वैसा भरें जैसा PAN पर है। दुकान का नाम trade name में डालें।
  • पते का अधूरा या धुंधला प्रमाण: CBIC निर्देश के मुताबिक अधिकारी इसी आधार पर REG-03 भेज सकता है। साफ़ स्कैन लगाएँ और पूरा पता लिखें।
  • किराए की दुकान में सिर्फ एग्रीमेंट: उसके साथ मकान-मालिक के नाम का एक मालिकाना कागज़ भी लगाएँ।
  • आधार ऑथेंटिकेशन छोड़ देना: तब भौतिक जाँच होती है और समय 30 दिन तक जा सकता है।
  • REG-03 का जवाब देर से देना: 7 कार्यदिवस में जवाब न मिलने पर आवेदन रद्द हो सकता है।

GST लेने के फ़ायदे

रजिस्ट्रेशन के बाद आप खरीद पर दिया GST इनपुट टैक्स क्रेडिट के रूप में वापस ले सकते हैं (कंपोज़िशन में नहीं)। व्यापारी ग्राहक भी आपसे खरीदना पसंद करते हैं, क्योंकि उन्हें आपके बिल पर क्रेडिट मिलता है। दूसरे राज्य में बिक्री और ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर बेचने का रास्ता भी खुलता है। GSTIN का मतलब और 15 अंकों की बनावट GST नंबर क्या होता है में समझाई गई है।

GSTIN मिलने के बाद बिलिंग

RichPOS में दुकान की सेटिंग में अपना GSTIN डालें। हर आइटम पर HSN कोड और GST रेट रखें। फिर हर बिल पर CGST-SGST अपने-आप अलग दिखते हैं, और GSTR-1 रिपोर्ट आपके CA के लिए तैयार रहती है। RichPOS पहले 30 दिन फ्री है, फिर पहले 3 महीने ₹99/महीना और उसके बाद ₹199/महीना। RichPOS रजिस्ट्रेशन या रिटर्न फ़ाइल नहीं करता; वह काम GST पोर्टल पर आप या आपका CA करते हैं।

यह जानकारी 21 अक्टूबर 2026 को GST पोर्टल की New Registration यूज़र गाइड, CBIC Instruction 03/2025-GST, CGST अधिनियम की धारा 22 और नियम 10A से जाँची गई है। यह सामान्य जानकारी है, टैक्स सलाह नहीं। अपने मामले में CA से पुष्टि करें।

FAQ

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जीएसटी रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
gst.gov.in पर Services → Registration → New Registration में फॉर्म REG-01 भरें। पहले PAN, मोबाइल और ईमेल से TRN लें, फिर 15 दिन के अंदर भाग B में दुकान, मालिक, पता और सामान की जानकारी व दस्तावेज़ अपलोड करें, आधार ऑथेंटिकेशन करें और OTP से जमा करें।
जीएसटी नंबर लेने के लिए कौन-से दस्तावेज़ चाहिए?
प्रोपराइटर दुकान के लिए मालिक का PAN, आधार और फोटो, और दुकान के पते का एक प्रमाण, जैसे प्रॉपर्टी टैक्स रसीद या बिजली बिल। किराए की दुकान हो तो रेंट एग्रीमेंट के साथ मकान-मालिक के नाम का एक मालिकाना कागज़ भी लगाएँ। बैंक की जानकारी रजिस्ट्रेशन के बाद 30 दिन के अंदर जोड़ सकते हैं।
GST रजिस्ट्रेशन की सरकारी फीस कितनी है?
कोई सरकारी फीस नहीं है। GST पोर्टल पर आवेदन मुफ़्त है। कोई एजेंट या CA अपनी सेवा की फीस ले सकता है, पर सरकार कुछ नहीं लेती।
GST नंबर कितने दिन में मिलता है?
आधार ऑथेंटिकेशन के साथ सही आवेदन, जो जोखिम वाला न हो, आम तौर पर 7 कार्यदिवस में मंज़ूर होता है। नियम 14A वाले विकल्प में 3 कार्यदिवस लगते हैं। भौतिक जाँच वाले मामलों में 30 दिन तक लग सकते हैं।
GST कितने टर्नओवर पर ज़रूरी है?
सिर्फ सामान बेचने वाली दुकान के लिए ज़्यादातर राज्यों में ₹40 लाख और सेवा भी हो तो ₹20 लाख सालाना टर्नओवर पर। कुछ पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों में सीमा कम है। दूसरे राज्य में सामान बेचने पर किसी भी टर्नओवर पर रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है।
किराए की दुकान पर GST रजिस्ट्रेशन कैसे लें?
रेंट एग्रीमेंट के साथ मकान-मालिक के नाम की प्रॉपर्टी टैक्स रसीद, म्युनिसिपल खाता कॉपी या बिजली बिल में से कोई एक अपलोड करें। एग्रीमेंट रजिस्टर्ड न हो तो मकान-मालिक का एक पहचान-पत्र भी लगाएँ। बिजली का कनेक्शन आपके नाम पर हो तो एग्रीमेंट के साथ वही बिल काफ़ी है।
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लेखक Ashok Sachdev

Founder, RichPOS Software, अहमदाबाद। हम भारतीय दुकानों के लिए RichPOS बनाते हैं और ये गाइड दुकानदारों के रोज़ के सवालों से लिखते हैं। टैक्स रेट और कीमतें तारीख के साथ दी गई हैं; GST के मामलों में अपने CA से पुष्टि करें। सवाल? WhatsApp करें.

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