अपडेट: 21 अक्टूबर 2026 · लेखक: अशोक सचदेव · स्रोत: GST पोर्टल यूज़र गाइड (New Registration), CBIC Instruction 03/2025-GST, CGST नियम 10A · In English: GST registration limit for shops
Quick answer
GST रजिस्ट्रेशन के लिए gst.gov.in पर Services → Registration → New Registration खोलकर फॉर्म REG-01 भरें। पहले PAN, मोबाइल और ईमेल से TRN लें, फिर दुकान, मालिक, पते और सामान की जानकारी के साथ दस्तावेज़ अपलोड करें और आधार ऑथेंटिकेशन करें। सरकारी फीस नहीं लगती; सही आवेदन पर आम तौर पर 7 कार्यदिवस में GSTIN मिलता है।
बहुत से दुकानदार GST नंबर के लिए एजेंट को पैसे देते हैं, जबकि सरकार इसकी कोई फीस नहीं लेती और फॉर्म खुद भरा जा सकता है। इस गाइड में हर स्टेप, सही दस्तावेज़, किराए की दुकान का पता-प्रमाण और मंज़ूरी में लगने वाला समय बताया गया है।
संक्षेप में
- कब ज़रूरी: सिर्फ सामान बेचने वाली दुकान के लिए ज़्यादातर राज्यों में सालाना टर्नओवर ₹40 लाख पार होने पर; सेवा भी हो तो ₹20 लाख पर; दूसरे राज्य में माल बेचें तो किसी भी टर्नओवर पर।
- फॉर्म: GST REG-01, gst.gov.in पर। सरकारी फीस: शून्य।
- दस्तावेज़: PAN, आधार, फोटो, दुकान के पते का एक प्रमाण (किराए पर हो तो रेंट एग्रीमेंट भी)। बैंक की जानकारी रजिस्ट्रेशन के बाद भी दे सकते हैं।
- समय: जोखिम वाला मामला न हो तो 7 कार्यदिवस; नियम 14A वाले आसान रास्ते से 3 कार्यदिवस; जाँच हो तो 30 दिन तक।
- समय-सीमा: लिमिट पार होने के 30 दिन के अंदर आवेदन करें।
GST रजिस्ट्रेशन कब ज़रूरी है?
रजिस्ट्रेशन आपकी आमदनी या मुनाफ़े से नहीं, आपके टर्नओवर (कुल बिक्री) से तय होता है (CGST अधिनियम, धारा 22 और नोटिफ़िकेशन 10/2019-सेंट्रल टैक्स)।
| आपका कारोबार | ज़्यादातर राज्य | मणिपुर, मिज़ोरम, नागालैंड, त्रिपुरा |
|---|---|---|
| सिर्फ सामान (goods) | ₹40 लाख | कम सीमा (₹40 लाख वाली छूट लागू नहीं) |
| सेवा, या सामान + सेवा | ₹20 लाख | ₹10 लाख |
अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, पुडुचेरी, सिक्किम, तेलंगाना और उत्तराखंड में भी सामान वाली ₹40 लाख की सीमा लागू नहीं होती। इन राज्यों में अपनी सीमा CA से पक्की कर लें। कुछ हालात में टर्नओवर चाहे जितना हो, रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है, जैसे दूसरे राज्य के ग्राहक को सामान बेचना या मेले में दूसरे राज्य में अस्थायी स्टॉल लगाना। पूरी जानकारी दुकानदार के लिए GST नियम में है।
कौन-से दस्तावेज़ चाहिए?
CBIC ने Instruction 03/2025-GST (17 अप्रैल 2025) में अधिकारियों को साफ़ कहा है कि REG-01 की सूची से बाहर के कागज़ न माँगें। एक प्रोपराइटर दुकान के लिए यह काफ़ी है:
| किस बात का प्रमाण | क्या अपलोड करें |
|---|---|
| पहचान | मालिक का PAN और आधार (आधार ऑथेंटिकेशन इसी से होता है) |
| फोटो | मालिक की फोटो |
| अपनी दुकान का पता | इनमें से कोई एक: ताज़ा प्रॉपर्टी टैक्स रसीद, म्युनिसिपल खाता कॉपी या बिजली बिल |
| किराए की दुकान | रेंट एग्रीमेंट + मकान-मालिक के नाम का इनमें से कोई एक कागज़ (प्रॉपर्टी टैक्स रसीद, खाता कॉपी या बिजली बिल)। एग्रीमेंट रजिस्टर्ड नहीं है तो मकान-मालिक का एक पहचान-पत्र भी। |
| रिश्तेदार की दुकान (पिता, पत्नी आदि) | सादे कागज़ पर सहमति-पत्र (consent letter) + उनका पहचान-पत्र + मालिकाना हक का कोई एक कागज़ |
| किराए पर, पर एग्रीमेंट नहीं | स्टांप पेपर पर एफ़िडेविट + आपके नाम का बिजली बिल जैसा कब्ज़े का प्रमाण |
| पार्टनरशिप फ़र्म | पार्टनरशिप डीड |
उसी निर्देश के मुताबिक पार्टनरशिप फ़र्म के लिए डीड काफ़ी है और Udyam या MSME सर्टिफ़िकेट, शॉप एस्टैब्लिशमेंट सर्टिफ़िकेट या ट्रेड लाइसेंस जैसे अतिरिक्त कागज़ नहीं माँगे जाने चाहिए। किराए की दुकान में मकान-मालिक की दुकान के सामने या अंदर खड़े होकर खिंचवाई फोटो नहीं माँगी जानी चाहिए, और एग्रीमेंट रजिस्टर्ड हो तो उसका पहचान-पत्र भी नहीं। बिजली या पानी का कनेक्शन आपके (किराएदार के) नाम पर हो, तो रेंट एग्रीमेंट के साथ वही काफ़ी है।
बैंक खाते की जानकारी आवेदन के समय देना ज़रूरी नहीं है। नियम 10A के मुताबिक रजिस्ट्रेशन मिलने के 30 दिन के अंदर, या पहला GSTR-1 भरने से पहले (जो पहले हो), इसे पोर्टल पर जोड़ना होता है।
स्टेप-बाय-स्टेप: GST रजिस्ट्रेशन कैसे करें
ये स्टेप GST पोर्टल की आधिकारिक New Registration यूज़र गाइड पर आधारित हैं।
भाग A: TRN लेना
- gst.gov.in पर Services → Registration → New Registration चुनें।
- "I am a" में Taxpayer चुनें, फिर राज्य और ज़िला चुनें।
- PAN के अनुसार कानूनी नाम (legal name), PAN, ईमेल और मोबाइल नंबर भरें।
- मोबाइल और ईमेल पर आए दोनों OTP डालें। आपको TRN (Temporary Reference Number) मिलेगा।
TRN से लॉग-इन करके 15 दिन के अंदर भाग B भरकर जमा करें, वरना TRN और भरी हुई सारी जानकारी मिट जाती है।
भाग B: पूरी जानकारी और दस्तावेज़
- Business Details: दुकान का नाम (trade name), कारोबार का प्रकार (प्रोपराइटरशिप, पार्टनरशिप आदि), कारोबार शुरू होने की तारीख और जिस तारीख से रजिस्ट्रेशन ज़रूरी हुआ।
- कंपोज़िशन का विकल्प: छोटी दुकान कंपोज़िशन स्कीम लेना चाहे तो यहीं "Yes" चुनें। फ़ायदे-नुकसान पहले GST composition scheme में पढ़ लें।
- नियम 14A का विकल्प: अगर रजिस्टर्ड ग्राहकों (B2B) को होने वाली बिक्री पर आपका आउटपुट टैक्स हर महीने ₹2.5 लाख तक रहेगा, तो "Yes" चुन सकते हैं। इसके साथ आधार ऑथेंटिकेशन भी "Yes" होना ज़रूरी है।
- Promoter / Partners और Authorised Signatory: मालिक या पार्टनरों की जानकारी, फोटो और पहचान।
- Principal Place of Business: दुकान का पूरा पता, मालिकाना हक का प्रकार (अपना, किराया, सहमति) और ऊपर बताया गया पते का प्रमाण। कोई गोदाम हो तो Additional Places of Business में डालें।
- Goods and Services: सबसे ज़्यादा बिकने वाले 5 सामानों के HSN कोड। HSN कोड बिल पर भी छपता है, इसलिए यहाँ सही कोड चुनें।
- Aadhaar Authentication: "Yes" चुनें। आवेदन जमा करने के बाद ईमेल या SMS पर OTP वाला लिंक आता है।
- Verification: घोषणा पर टिक करें और EVC (OTP) या DSC से जमा करें। आपको ARN (Application Reference Number) मिलेगा, जिससे आप स्टेटस देख सकते हैं।
अगर पोर्टल आपके आवेदन को जोखिम के आधार पर चुनता है, तो आपको GST सुविधा केंद्र (GSK) पर अपॉइंटमेंट लेकर बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन और दस्तावेज़ जाँच करानी होगी। उस समय मूल दस्तावेज़ साथ ले जाएँ।
GST नंबर कितने दिन में मिलता है?
| स्थिति | मंज़ूरी का समय |
|---|---|
| नियम 14A का विकल्प, आधार ऑथेंटिकेशन के साथ | 3 कार्यदिवस (1 नवंबर 2025 से) |
| आधार ऑथेंटिकेशन हुआ, आवेदन जोखिम वाला नहीं और पूरा है | 7 कार्यदिवस |
| आधार ऑथेंटिकेशन नहीं किया, या आवेदन जोखिम वाला चिह्नित हुआ | दुकान की भौतिक जाँच के बाद, 30 दिन तक |
| अधिकारी ने सवाल पूछा (फॉर्म REG-03) | REG-04 में 7 कार्यदिवस के अंदर जवाब दें; जवाब से संतुष्ट होने पर 7 कार्यदिवस में मंज़ूरी |
7 और 30 दिन वाले समय CBIC Instruction 03/2025 से हैं, और 3 दिन वाला रास्ता GST पोर्टल की गाइड के नियम 14A वाले विकल्प से। REG-03 का जवाब समय पर न देने पर आवेदन रद्द हो सकता है, इसलिए ARN मिलने के बाद ईमेल और SMS रोज़ देखें। मंज़ूरी के बाद रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट (REG-06) पोर्टल से डाउनलोड करें।
पोर्टल गाइड के मुताबिक, अगर आपने रजिस्ट्रेशन ज़रूरी होने के 30 दिन के अंदर आवेदन किया, तो रजिस्ट्रेशन उसी तारीख से लागू माना जाता है जिस दिन वह ज़रूरी हुआ था। देर से आवेदन करने पर वह मंज़ूरी की तारीख से लागू होता है, जबकि टैक्स की देनदारी पहले से बन चुकी होती है।