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GST नंबर क्या होता है? GSTIN के 15 अंकों का मतलब

GST नंबर (GSTIN) 15 अंकों का यूनिक नंबर है: राज्य कोड, PAN, रजिस्ट्रेशन नंबर, Z और चेक कैरेक्टर। मतलब, फुल फॉर्म और पोर्टल पर कैसे चेक करें।

Ashok Sachdev · 7 मिनट में पढ़ें
GST नंबर (GSTIN) के 15 अंकों का मतलब: राज्य कोड, PAN, रजिस्ट्रेशन नंबर, Z और चेक कैरेक्टर
इस पेज पर · 10 हिस्से
  1. GST क्या है? (फुल फॉर्म)
  2. GST नंबर (GSTIN) क्या होता है?
  3. GSTIN के 15 अंकों का मतलब
  4. GST नंबर कैसे चेक करें?
  5. दुकानदार के लिए GST नंबर क्यों ज़रूरी है?
  6. GST नंबर कब और कैसे मिलता है?
  7. GST के फायदे: दुकानदार की नज़र से
  8. बिलिंग सॉफ्टवेयर में GSTIN का सही इस्तेमाल
  9. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  10. आखिरी बात

अपडेट: 17 अक्टूबर 2026 · लेखक: अशोक सचदेव · स्रोत: GST पोर्टल (gst.gov.in), CGST नियम 18 और 46 (CBIC पोर्टल)

Quick answer

GST नंबर यानी GSTIN (Goods and Services Tax Identification Number) 15 अंकों और अक्षरों का एक यूनिक नंबर है, जो GST में रजिस्टर्ड हर कारोबार को राज्य के हिसाब से मिलता है। इसके पहले 2 अंक राज्य का कोड, अगले 10 अक्षर कारोबार का PAN, 13वां अंक उसी राज्य में उस PAN का रजिस्ट्रेशन नंबर, 14वां अक्षर आम तौर पर "Z" और 15वां एक चेक कैरेक्टर होता है। किसी भी GSTIN को GST पोर्टल पर मुफ्त में जाँचा जा सकता है।

दुकानदार को GST नंबर से रोज़ वास्ता पड़ता है: अपने बिल पर अपना GSTIN, व्यापारी ग्राहक का GSTIN, और सप्लायर के बिल पर उसका GSTIN। इस गाइड में आसान भाषा में बताया है कि GST और GSTIN क्या है, नंबर कैसे पढ़ें, कैसे जाँचें, और दुकान के बिल पर इसका सही इस्तेमाल कैसे करें।

GST क्या है? (फुल फॉर्म)

GST की फुल फॉर्म है Goods and Services Tax, हिंदी में वस्तु एवं सेवा कर। यह 1 जुलाई 2017 से पूरे देश में लागू है और इसने वैट, एक्साइज़, सर्विस टैक्स जैसे कई पुराने अप्रत्यक्ष टैक्स की जगह ली। GST सामान और सेवाओं की बिक्री (सप्लाई) पर लगता है और आखिर में ग्राहक चुकाता है; दुकानदार इसे ग्राहक से लेकर सरकार को जमा करता है।

हिस्सापूरा नामकब लगता है
CGSTCentral GST (केंद्र का हिस्सा)राज्य के अंदर बिक्री पर, SGST के साथ आधा-आधा
SGST / UTGSTState GST या Union Territory GSTराज्य के अंदर बिक्री पर
IGSTIntegrated GSTएक राज्य से दूसरे राज्य में बिक्री पर, पूरा रेट

GST नंबर (GSTIN) क्या होता है?

GSTIN वह पहचान नंबर है जो GST रजिस्ट्रेशन मंज़ूर होने पर मिलता है। एक कारोबार जितने राज्यों में रजिस्टर्ड है, उतने GSTIN होते हैं, क्योंकि GST में रजिस्ट्रेशन राज्य के हिसाब से होता है। GSTIN के बिना कोई कारोबार ग्राहक से GST नहीं ले सकता और टैक्स इनवॉइस नहीं बना सकता।

GSTIN के 15 अंकों का मतलब

उदाहरण के लिए एक काल्पनिक GSTIN लेते हैं: 24ABCDE1234F1Z5

स्थानउदाहरण मेंमतलब
1–224राज्य का कोड (24 = गुजरात, 27 = महाराष्ट्र, 07 = दिल्ली, 09 = उत्तर प्रदेश)
3–12ABCDE1234Fकारोबार या मालिक का PAN
131उसी राज्य में उसी PAN पर कौन सा रजिस्ट्रेशन है (पहला = 1)
14Zआम तौर पर हर GSTIN में "Z"
155चेक कैरेक्टर, जो नंबर में गलती पकड़ने के लिए होता है

इसका एक फायदा: किसी ग्राहक का GSTIN देखकर ही पता चल जाता है कि वह किस राज्य का है, यानी बिल पर CGST + SGST लगेगा या IGST।

GST नंबर कैसे चेक करें?

  1. GST पोर्टल के Search Taxpayer पेज पर जाएँ (लॉगिन की ज़रूरत नहीं)।
  2. "Search by GSTIN/UIN" चुनें और 15 अंकों का GSTIN डालें।
  3. कैप्चा भरकर सर्च करें।
  4. कारोबार का कानूनी नाम, ट्रेड नाम, राज्य, रजिस्ट्रेशन की तारीख और स्थिति (Active या Cancelled) देखें।

नए व्यापारी ग्राहक या सप्लायर का GSTIN पहली बार सेव करने से पहले यह जाँच ज़रूर करें। गलत या रद्द GSTIN पर बना B2B बिल ग्राहक के इनपुट टैक्स क्रेडिट में दिक्कत करता है।

दुकानदार के लिए GST नंबर क्यों ज़रूरी है?

  • बिल पर: नियम 46 के अनुसार हर टैक्स इनवॉइस पर आपका GSTIN होना चाहिए, और B2B बिक्री में ग्राहक का भी। देखें GST बिल कैसे बनाएं।
  • दुकान के बोर्ड पर: नियम 18 के अनुसार GSTIN दुकान के प्रवेश पर लगे नाम-बोर्ड पर लिखना ज़रूरी है।
  • इनपुट टैक्स क्रेडिट: सप्लायर के बिल पर आपका सही GSTIN हो तभी वह खरीद आपके GSTR-2B में दिखती है और आप क्रेडिट ले पाते हैं।
  • बड़े ग्राहक: व्यापारी ग्राहक GST बिल के बिना खरीदना पसंद नहीं करते, क्योंकि उन्हें क्रेडिट चाहिए।

GST नंबर कब और कैसे मिलता है?

सिर्फ सामान बेचने वाली दुकान को ज़्यादातर राज्यों में सालाना टर्नओवर ₹40 लाख पार होने पर रजिस्ट्रेशन लेना ज़रूरी है (सेवा भी हो तो ₹20 लाख; कुछ राज्यों में कम सीमा)। आवेदन GST पोर्टल पर फॉर्म REG-01 से होता है, सरकारी फीस नहीं लगती। PAN, आधार, दुकान के पते का सबूत और बैंक की जानकारी तैयार रखें। मंज़ूरी के बाद GSTIN और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट मिलता है। पूरी जानकारी: दुकानदार के लिए GST नियम।

GST के फायदे: दुकानदार की नज़र से

फायदादुकान पर असर
इनपुट टैक्स क्रेडिटखरीद पर दिया GST बिक्री के GST से घटता है, टैक्स पर टैक्स नहीं लगता
पूरे देश में एक व्यवस्थादूसरे राज्य में बेचने के लिए अलग-अलग राज्य टैक्स नहीं
व्यापारी ग्राहकGST बिल मिलने से B2B ग्राहक जुड़ते हैं
छोटी दुकान के लिए विकल्प₹1.5 करोड़ तक टर्नओवर पर कंपोज़िशन स्कीम, 1% टैक्स और कम रिटर्न
ऑनलाइन कामरजिस्ट्रेशन, रिटर्न और टैक्स जमा सब पोर्टल पर

बिलिंग सॉफ्टवेयर में GSTIN का सही इस्तेमाल

  1. अपनी दुकान की सेटिंग में अपना GSTIN एक बार डालें; यह हर बिल पर छपेगा।
  2. व्यापारी ग्राहकों का GSTIN पोर्टल पर जाँचकर ग्राहक के रिकॉर्ड में सेव करें।
  3. RichPOS में ग्राहक पर सेव GSTIN बिल पर अपने आप छपता है और GSTR-1 रिपोर्ट में B2B और B2C बिक्री अलग दिखती है।
  4. महीने के अंत में GSTR-1 और HSN वाली GST रिपोर्ट Excel या PDF में CA को भेजें।

हिंदी में पूरी जानकारी: GST बिलिंग सॉफ्टवेयर। अंग्रेज़ी में: GST इनवॉइस फॉर्मेट।

आखिरी बात

GSTIN आपकी दुकान की GST पहचान है: यह बिल पर, बोर्ड पर और हर B2B लेन-देन में दिखना चाहिए। अपना और ग्राहकों का GSTIN एक बार सही सेव कर दें, फिर हर बिल अपने आप सही बनेगा। RichPOS का 30 दिन का फ्री ट्रायल शुरू करें या कीमत देखें।

FAQ

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

GST नंबर क्या होता है?
GST नंबर यानी GSTIN, 15 अंकों और अक्षरों का यूनिक पहचान नंबर है जो GST में रजिस्टर्ड हर कारोबार को हर राज्य के लिए अलग मिलता है। इसमें राज्य कोड, PAN, रजिस्ट्रेशन नंबर, "Z" और एक चेक कैरेक्टर होता है।
GST की फुल फॉर्म क्या है?
GST की फुल फॉर्म Goods and Services Tax है, हिंदी में वस्तु एवं सेवा कर। यह 1 जुलाई 2017 से भारत में लागू है।
GSTIN में कितने अंक होते हैं?
15। पहले 2 अंक राज्य कोड, अगले 10 अक्षर PAN, 13वां उसी राज्य में उस PAN का रजिस्ट्रेशन नंबर, 14वां आम तौर पर "Z" और 15वां चेक कैरेक्टर।
GST नंबर कैसे चेक करें कि सही है या नहीं?
GST पोर्टल (services.gst.gov.in) पर Search Taxpayer में "Search by GSTIN/UIN" चुनें, नंबर और कैप्चा डालें। कारोबार का नाम, राज्य और स्थिति (Active या Cancelled) दिख जाएगी। इसके लिए लॉगिन नहीं चाहिए।
GST किस पर लगाया जाता है?
GST सामान और सेवाओं की सप्लाई (बिक्री) पर लगता है, हर आइटम के HSN कोड के हिसाब से उसके रेट पर। कुछ चीज़ें जैसे खुला अनाज, दूध, ताज़ी सब्ज़ी GST से मुक्त हैं। टैक्स आखिर में ग्राहक चुकाता है और रजिस्टर्ड दुकानदार उसे सरकार को जमा करता है।
क्या हर दुकान के लिए GST नंबर ज़रूरी है?
नहीं। सिर्फ सामान बेचने वाली दुकान को ज़्यादातर राज्यों में ₹40 लाख सालाना टर्नओवर पार होने पर GST नंबर लेना ज़रूरी है; दूसरे राज्य में माल बेचना हो तो टर्नओवर कुछ भी हो। इससे कम टर्नओवर पर दुकान चाहे तो अपनी मर्ज़ी से रजिस्ट्रेशन ले सकती है।
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लेखक Ashok Sachdev

Founder, RichPOS Software, अहमदाबाद। हम भारतीय दुकानों के लिए RichPOS बनाते हैं और ये गाइड दुकानदारों के रोज़ के सवालों से लिखते हैं। टैक्स रेट और कीमतें तारीख के साथ दी गई हैं; GST के मामलों में अपने CA से पुष्टि करें। सवाल? WhatsApp करें.

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